एआरपी ने दिया निपुण प्लस आंकलन व सुधारात्मक शिक्षण विधि लागू करने का सुझाव 📢 कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर में किया सहयोगात्मक पर्यवेक्षण 📢 विद्यालयों में शिक्षण मानक सुधार व छात्र मूल्यांकन पर विशेष जोर
(आलोक कुमार तिवारी)

एआरपी ने दिया निपुण प्लस आंकलन व सुधारात्मक शिक्षण विधि लागू करने का सुझाव
📢 कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर में किया सहयोगात्मक पर्यवेक्षण
📢 विद्यालयों में शिक्षण मानक सुधार व छात्र मूल्यांकन पर विशेष जोर
कुशीनगर । गुरुवार को दुदही विकास खंड के सामाजिक विषय के एआरपी राहुल सिंह ने धर्मपुर पर्वत न्याय पंचायत के कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के शैक्षिक माहौल, शिक्षण गतिविधियों और विद्यार्थियों की तैयारी का सूक्ष्म अवलोकन किया।
एआरपी ने कक्षा छह के छात्रों से प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता और ज्ञान की समझ का मूल्यांकन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्तर देकर अपनी तैयारियों और अकादमिक दक्षता का प्रदर्शन किया। पर्यवेक्षण के दौरान एआरपी ने शिक्षकों को उच्च प्राथमिक कक्षाओं में लेशन प्लान के अनुसार शिक्षण कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक डायरी समयानुसार अद्यतन रखी जाए और प्रत्येक विषय का वादन समय सारणी के अनुरूप किया जाए। मासिक पाठ्यक्रम को पूर्ण करना अनिवार्य है।
एआरपी ने कहा कि प्रत्येक छात्र का निपुण प्लस एप पर आंकलन कर प्रगतिशील और सक्षम छात्रों को चिन्हित किया जाए तथा जरूरत पड़ने पर रेमेडियल टीचिंग कराई जाए। निरीक्षण के दौरान पांच छात्रों का निपुण प्लस मूल्यांकन भी किया गया। उन्होंने बताया कि सहयोगात्मक पर्यवेक्षण से शिक्षण की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार संभव है। नियमित आंकलन और समय पर रेमेडियल टीचिंग से सभी छात्रों की शैक्षिक प्रगति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक नन्हे प्रसाद, शिक्षक धनंजय मिश्र, ब्रजेश सिंह, नीतू यादव, अनीता कुशवाहा सहित अन्य शिक्षक और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।





