हिरण्यकश्यप की कथा का श्रोताओं ने किया अमृतपान
पाण्डेय निवास कसया कुशीनगर में दयाशंकर पाण्डेय के द्वारा आयोजित श्री राम कथा का दूसरा दिन

हिरण्यकश्यप की कथा का श्रोताओं ने किया अमृतपान
कुशीनगर। पाण्डेय निवास कसया कुशीनगर में दयाशंकर पाण्डेय के द्वारा आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन मानस कोकिला, साहित्य मर्मज्ञ विजय लक्ष्मी जी द्वारा श्रीराम कथा सुनाई गई। मानस विदुषी ने हिरण्यकश्यप की कथा सुनाई। मानस मर्मज्ञा ने कहा कि जब हिरण्यकश्यप अपने वाटिका में भ्रमण कर रहा था । वाटिका में एक तोता नारायण नारायण कह रहा था । जिस पर क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप तुरन्त अपने महल चल दिया। उसकी पत्नी कयाधु के पूछने पर कि स्वामी आप क्यों इतना शीघ्र आ गए कयाधु की बात सुनकर हिरण्यकश्यप ने कहा कि वाटिका में एक तोता बार बार नारायण नारायण कह रहा है।
यह सुनकर मुझे रहा नहीं गया जिसके कारण मैं तुरंत वहां से आ गया। कयाधु ने कहा कि कम से कम नारायण शब्द तो मेरे स्वामी के जिह्वा पर आ गया। उन्होंने कहा कि इस मंच से मैं जो कथा कह कर रही हूं । इस कथा को जो आप सुन रहे हो तो आपका निश्चित कल्याण होगा। मर्मज्ञा ने कहा कि भगवान की कथा जब अच्छी ना लगे और भगवान का भजन अच्छा ना लगे, जब भागवत कथा में मन ना लगे तो समझ लीजिए कि आपत्ति और विपत्ति दोनों आपके सामने दिखाई दे रही है। क्योंकि जीवन में जब विपत्ति आने वाली होती है तब भगवान का भजन और भगवान का चिंतन हमें अच्छा नहीं लगता है। भगवान राम की कथा सुनने के लिए जब मां सती ने कहा तो भगवान शंकर ने मां सती को दक्षिण दिशा में ले जाकर कथा सुनाई। श्रीराम ने पंचवटी में माया की सीता बनाई। जो सीता रावण के द्वारा हरण की गईं वह सीता माया से बनी थीं,अन्यथा सीता यदि सत्य की होतीं तो रावण उनके तेज़ से जलकर भस्म हो जाता। मानस कोकिला ने कहा कि जब सती ने भगवान राम की परीक्षा लेने के लिए सीता का रूप बनाया। सती को सीता के रूप में देखते ही श्रीराम ने तुरंत प्रणाम किया और कहा कि माता भगवान शंकर कहाँ हैं? जिस पर सती को लज्जा आ गयी। और यह लीला देखते ही भगवान शंकर कुपित हो गए और कहा कि आज से मैं सती का त्याग करता हूँ। जब सती मां का रूप धारण कर लीं तो आज के बाद मेरे लिए सती पत्नी के रुप मे स्वीकृत नहीं हैं। रामकथा में पूर्व प्रमुख देसही देवरिया अशोक पाण्डेय, कृपाशंकर पाण्डेय, मुकेश कुमार पाण्डेय,सुनील कुमार पाण्डेय,बृजेश तिवारी,जोखन प्रसाद मिश्र,दीपक कुमार मिश्र,किरन पाण्डेय,अनिता पाण्डेय,पूर्णिमा पाण्डेय,प्रेमलता पाण्डेय,प्रतिमा पाण्डेय आदि मौजूद रहे।





