उप्र पर्यटन द्वारा एनएच के किनारे स्थित ढ़ाबों का चल रहा सर्वेक्षण
-पर्यटकों की सुविधा के लिए एनएच के चयनित ढ़ाबों का होगा उच्चीकरण -ढ़ाबों में उच्चस्तरीय मार्गीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा उप्र पर्यटन -पीपीपी आधार पर होगा ढ़ाबों का उच्चीकरण

उप्र पर्यटन द्वारा एनएच के किनारे स्थित ढ़ाबों का चल रहा सर्वेक्षण
-पर्यटकों की सुविधा के लिए एनएच के चयनित ढ़ाबों का होगा उच्चीकरण
-ढ़ाबों में उच्चस्तरीय मार्गीय सुविधाएं उपलब्ध
कराएगा उप्र पर्यटन
-पीपीपी आधार पर होगा ढ़ाबों का उच्चीकरण
कुशीनगर । नई पर्यटन नीति के तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन पर्यटकों की सुविधा के लिए कुशीनगर सहित प्रदेश के प्रत्येक जनपद में उच्चस्तरीय मार्गीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसको लेकर उप्र पर्यटन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे स्थित ढ़ाबों का सर्वेक्षण चल रहा है। अब तक मार्गों पर उच्चस्तरीय पर्यटक सुविधाओं का अभाव है। इससे विशेषकर विदेशी पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। यह सुविधा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी)- ‘सार्वजनिक निजी भागीदारी’ के माध्यम से विकसित कराए जाने के लिए पहल प्रारंभ हो गई है। प्रत्येक जनपद में नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे पर स्थित ढाबों की सूची बनाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसी क्रम में कुशीनगर जनपद में भी एनएच के ढ़ाबों के चयन के लिए सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। इसे प्रदेश के पर्यटन निदेशालय को प्रेषित किया जाएगा।
क्या है मानक?
नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे के किनारे एक सौ मीटर के अंदर स्थित ढाबा में फूड प्लाजा, कम से कम 25 पर्यटकों के बैठने के लिए एसी लॉबी, उच्चस्तरीय प्रसाधन, रैंप, पेयजल, बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा, कार, बस व टूरिस्ट बस के लिए पार्किंग आदि की व्यवस्था पीपीपी के माध्यम से कराया जाएगा। कुशीनगर के पर्यटक सूचना अधिकारी डॉ प्राण रंजन ने बताया कि जनपद के नेशनल व स्टेट हाइवे के किनारे एक सौ मीटर के भीतर स्थित ढाबों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। मानक के अनुसार चयनित ढ़ाबों को पीपीपी आधार पर उच्चस्तरीय सुविधायुक्त बनाने के लिए शीघ्र ही पर्यटन निदेशालय, लखनऊ को प्रेषित किया जाएगा।





