IMG-20250419-WA0028
IMG-20250419-WA0028
उत्तरप्रदेशकुशीनगरदेश

युद्ध के समय में बुद्ध संसार के लिए सबसे बड़ी जरूरत

युद्ध के समय में बुद्ध संसार के लिए सबसे बड़ी जरूरत

कुशीनगर । बुद्ध दुनिया में भारतीय संस्कृति की अदभुत देन हैं। आज युद्ध के अनेक मुहानों पर खड़ी दुनिया के लिए बुद्ध और उनके संदेश सबसे बड़ी जरूरत हैं। इस यात्रा का उद्देश्य बुद्ध की प्रासंगिकता को प्रसारित करते हुए विश्व शांति का संदेश देना है। उक्त बातें विश्व शांति के लिए बौद्ध परिपथ की पूर्व निर्धारित दस दिवसीय साहित्यिक सांस्कृतिक यात्रा सह सचल कार्यशाला “चरथ भिक्खवे..” के पांचवें दिन शनिवार को होटल पथिक निवास में आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और आयोजन संयोजक प्रो सदानंद साही ने कहा। प्रो राम सुधार सिंह ने कहा कि सारनाथ से शुरू हुई इस यात्रा में हमने बोध गया, राजगीर, नालंदा , वैशाली और पटना में हमने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन के विविध पहलुओं पर चर्चा की है। इस दौरान अरुण कमल, रणेंद्र, राकेश रंजन, वीरेंद्र नारायण यादव और शालिनी मिश्र आदि ने अलग अलग जगहों पर यात्रा का संयोजन किया है। प्रो० अनिल राय ने इस आयोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए इसकी तुलना अज्ञेय द्वारा आयोजित जानकी जीवन यात्रा से की और कहा कि इस तरह की यात्राएं साहित्यिक और सांस्कृतिक दुनिया में सकारात्मक हस्तक्षेप करती हैं। परिचर्चा को रामनरेश राम, प्रियंका सोनकर, मनोज सिंह, आदि ने भी संबोधित किया। कुशीनगर में यात्रा और इसमें शामिल साहित्यकारों के लिए स्वागत वक्तव्य प्रोफेसर गौरव तिवारी ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर राजेश मल्ल ने किया। संचालन निरंजन यादव ने किया। परिचर्चा के दौरान प्रकाश उदय , दिनेश तिवारी, विहाग़ वैभव, अंशु प्रिया आदि ने अपनी कविताएं पढ़ीं। यह यात्रा 18 अक्टूबर की शाम कुशीनगर में पहुँची थी। भ्रमण और परिचर्चा के बाद यात्रा लुंबनी के लिए रवाना हो गई। यात्रा में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रंजना अगड़े, कवयित्री गगन गिल, मृदुला सिन्हा, अनुपश्री विजयिनी, आशुतोष तिवारी, आनंद स्वरूप घोष, पृथ्वीराज सिंह, नरेंद्र पुंडरीक, सना सहाब, राजू मौर्य आदि की उपस्थिति रही।

Sajag Prahari News 24x7
Blue Black Modern For Business Card_20241014_214134_0001
Blue Black Modern For Business Card_20241014_214134_0001

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button