बुद्ध के सिद्धान्तों के अनुशीलन से विश्व शांति संभव : प्राचार्य
समारोहपूर्वक संपन्न हुआ कठिन चीवर दान समारोह

बुद्ध के सिद्धान्तों के अनुशीलन से विश्व शांति संभव-प्राचार्य
समारोहपूर्वक संपन्न हुआ कठिन चीवर दान समारोह
कुशीनगर । भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार (मंदिर) कुशीनगर में रविवार को कठिन चीवर दान व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें बुद्ध वंदना, धम्म देशना आदि धार्मिक कार्यक्रम हुए। समारोह को संबोधित करते हुए आयोजक और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के पूर्व अध्यक्ष भदंत महेंद्र थेरो ने कहाकि बौद्ध धर्म में वर्षावास की समाप्ति (कार्तिक पूर्णिमा) के बाद बौद्ध भिक्षुओं व भिक्षुणियों को कठिन दान देने का बड़ा महत्व है। यह परंपरा भगवान बुद्ध के समय से ही चली आ रही है। बताया कि पहले चीवर को सुई-धागा से सिलाई कर बनाया जाता था जो कठिन कार्य था। इसलिए इसे कठिन चीवर दान कहा जाने लगा। अध्यक्षता कर रहे कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर ने कहाकि कठिन चीवर दान का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व है। बुद्ध पीजी कालेज के प्राचार्य प्रो विनोद मोहन मिश्र ने कहाकि विश्व में शांति की स्थापना बुद्ध के सिद्धान्तों के अनुशीलन से संभव है। 50 बौद्ध भिक्षुओं को कठिन चीवर दान और 50 लोगों को सम्मानित किया गया। इस दौरान राकेश जायसवाल, मेजर एसएन सिंह, डा. मैनेजर यादव, ले.कर्नल वी कृष्णा, प्रो. जीपी मंगलम, डा. श्वेता भट्ट, दिनेश तिवारी, सुनीता, क्षेत्रीय प्रबन्धक सेंट्रल बैंक आरके सिंह, मुन्ना यादव, हरिशंकर राजभर, डा. एसके सिंह, सुबोध शर्मा सहित भारत व विदेशी बौद्ध भिक्षु, उपासक, उपासिकाएं आदि मौजूद रहे।





