शिक्षक अंतिम सांस तक करता रहता है ज्ञानवर्धन, नहीं होता सेवानिवृत्त : वीरेन्द्र सिंह आहलूवालिया
कुशीनगर । शिक्षक अंतिम सांस तक ज्ञानवर्धन करता रहता है इसलिए वह कभी सेवा निवृत्त नहीं होता। प्रो कुमुद त्रिपाठी हमेशा से छात्र छात्राओं के साथ ही साथ शिक्षकों के लिए अद्वितीय सहयोगी की भूमिका में रही। उनकी स्नेह महाविद्यालय के छात्र छात्राओं पर सेवानिवृत्त के बाद भी रहेगी। उनकी जीवन पथ की अगली पड़ाव सुखद होने की कामना करता हूँ। उक्त बातें महाविद्यालय के सचिव विरेन्द्र सिंह आहलुवालिया बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के बीएड विभाग द्वारा भन्ते सभागार में गुरुवार को आयोजित विदाई व सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए कहा। विशिष्ट अतिथि व प्राचार्य प्रो कृष्ण कुमार सिंह ने कहा प्रो कुमुद त्रिपाठी की व्यक्तित्व चुम्बकीय है।वे अजातशत्रु, विद्वता एवं विनम्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति है। शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो सत्येंद्र कुमार गौतम, प्रो कौस्तुभ नारायण मिश्र, डॉ निगम मौर्य, विवेक श्रीवास्तव, डॉ चंद्रप्रकाश सिंह, अजय जायसवाल ने भी सेवानिवृत्त पूर्व बीएड विभागाध्यक्ष प्रो त्रिपाठी के साथ अपने बिताए पलों व अनुभवों को साक्षा किया। अपने विदाई के अवसर पर प्रो कुमुद त्रिपाठी ने कहाकि अभी अलविदा मत कहो दोस्तो, न जानें किस मोड़ पर मुलाकात होगी। भावुक मन से प्रो त्रिपाठी कहाकि मैं सेवा से निवृत्त भले हो रही हूं लेकिन इस महाविद्यालय की स्मृतियां हमेशा साथ रहेंगी। विभाग के लोगों ने जो सम्मान और प्यार और दिया है उसके प्रति मैं हमेशा आभारी रहूंगी। विभागाध्यक्ष और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो विभ्राट चंद कौशिक ने कहा कि मेरे अध्यक्षीय कार्यकाल में बीएड विभाग ने नैक मूल्यांकन कराया उसमें प्रो सहयोग महत्वपूर्ण रहा। आप मेरी सहपाठी और मित्र रही है। अतः आपके गुणों और व्यक्तित्व से परिचित हूँ। कह सकता हूं आप अद्वितीय व्यक्तित्व की स्वामिनी है। स्वागत डॉ निगम मौर्य व कार्यक्रम का संचालन कृष्ण कुमार जायसवाल ने किया। आभार ज्ञापन डॉ सीपी सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो रेखा तिवारी, प्रो किरन जायसवाल, प्रो महबूब आलम, प्रो वीरेन्द्र कुमार,डॉ इंद्रजीत मिश्र, डॉ गौरव तिवारी, डॉ अनुज कुमार,डॉ पारस नाथ, डॉ राकेश राय, डॉ जितेंद्र मिश्र, डॉ राजेश कुमार जायसवाल, डॉ सत्यप्रकाश , डॉ सी एस सिंह डॉ सौरभ द्विवेदी, डॉ रीना मालवीय, डॉ श्वेता यादव, डॉ विशेषता मिश्रा, डॉ ज्ञानेश कुमार सिंह, डॉ कलाम, डॉ अंशु यादव, अंकित गुप्ता, अजय जायसवाल आदि उपास्थित रहें।





