पुलिस अभिरक्षा में मुलाहिया व डॉक्टरी रिपोर्ट पर भारी सब इंस्पेक्टर की मनमर्जी
(1) एक एफआईआर में जाँच अधिकारी चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर विवेक कुमार पाण्डेय की करतूत (2) वादी ने जाँच अधिकारी बदलने की पहले ही किया था मांग (3) मामले में शिकायत पुलिस अधीक्षक से करेगा वादी (4) वादी ने कोर्ट में जाँच रिपोर्ट के विरुद्ध दर्ज किया आपत्ति
कुशीनगर । कुशीनगर में एक सब इंस्पेक्टर द्वारा वादी को बिना सुने ही तथा संबंधित साक्ष्यों का अवलोकन किये ही एफआईआर की विवेचना पूर्ण कर अपनी मनमर्जी से अन्तिम रिपोर्ट लगा दी गयी है। मामला प्रकाश में तब आया जब एफआईआर से संबंधित जाँच में प्रगति की जानकारी के लिए वादी ने कोर्ट की वेबसाइट चेक किया। इस सन्दर्भ में वादी द्वारा पहले ही शंका जाहिर किया गया था और पुलिस क्षेत्राधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर जाँच अधिकारी बदलने की मांग किया जा चुका था। कुशीनगर चौकी इंचार्ज विवेक कुमार पाण्डेय ने एक मामले में विवेचक के रूप में बिना वादी से मिले व उससे साक्ष्यों को संग्रह कर अवलोकन किये ही मारपीट व गालीगलौज के मामले में अपने ही थाने पुलिस अभिरक्षा में हुए मुलाहिया रिपोर्ट व जिला चिकित्सालय के डॉक्टर द्वारा दिये गए फ्रैक्चर रिपोर्ट को दरकिनार कर एफआईआर में अन्तिम रिपोर्ट लगा दिया गया। आरोप यह भी है कि सब इंस्पेक्टर विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा इस मामले में विभागीय नियमों व छवि का नजरअंदाज करते हुए अपने परिचित व तथाकथित रिश्तेदार को बचाने के लिए एफआईआर से संबंधित वादी या किसी भी गवाह से सम्पर्क किये ही अपनी अन्तिम रिपोर्ट लगा दिया। वादी ने बताया कि कोर्ट में इस जाँच रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल करूँगा तथा पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सब इंस्पेक्टर विवेक कुमार पाण्डेय के विरूद्ध जाँच कराकर विभागीय कार्यवाही के लिए मांग करूँगा।





