सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए याद किए जाते हैं डा. अंबेडकर : अरुणेंद्र

कुशीनगर । बुधवार को शिक्षक भवन दुदही परिसर में डा. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित सभा में शिक्षकों ने उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा को संबोधित करते हुए प्राशिसं के ब्लाक अध्यक्ष अरुणेंद्र कुमार राय ने कहा कि भारत रत्न, देश के संविधान निर्माता बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में किया गया अथक प्रयास हमें प्रेरित करते रहते हैं।डा. अम्बेडकर ने समाज के वंचित एवं कमजोर तबके के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जूशिसं के अध्यक्ष बांके बिहारी लाल ने कहा कि डा. अंबेडकर न सिर्फ संविधान के शिल्पकार थे बल्कि शोषितों एवं वंचितों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सामाजिक समरसता के अमर पुरोधा भी थे। उन्होंने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए हमेशा शोषितों और पीड़ितों के लिए आवाज बुलंद की और सदैव दलितों की सुरक्षा के लिए संघर्ष किया। भारत के संविधान निर्माण में उनकी मुख्य भूमिका थी। उनका योगदान चिरस्मरणीय है। इस दौरान मंत्री रामनिवास जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक यादव, राजेश प्रसाद, उपेंद्र प्रसाद गुप्ता, संतोष प्रसाद, मनीष गौतम, अमरनाथ सिंह, रजनीश, अभय, राजेश त्रिपाठी, प्रदीप, केदार, अजय पाठक, रमेश चंद, दीपक गुप्ता, रमाशंकर यादव, सिद्धार्थ यादव, राकेश, साधु यादव आदि मौजूद रहे।





