पुत्र को राजा बनाने के लिए कोपभवन में जा बैठीं कैकेई
- पांच दिवसीय रामकथा का तीसरा दिन

पुत्र को राजा बनाने के लिए कोपभवन में जा बैठीं कैकेई
– पांच दिवसीय रामकथा का तीसरा दिन
कुशीनगर । दुदही विकास खंड के ग्राम पंचायत मठिया भोकरिया के पंचायत भवन परिसर में नारायणी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय रामकथा के तीसरे दिन अयोध्या से पधारी कथावाचिका धर्मरक्षिता शास्त्री ने कैकेयी कोप की कथा सुनाई।
कथावाचिका ने कहा कि जब भगवान राम का राज्याभिषेक होने वाला था, तब रानी कैकई की सबसे प्रिय कहे जानी वाली दासी मंथरा ने कैकई के मन में प्रभु श्रीराम के खिलाफ विष घोल दिया था। मंथरा ने कैकेई को राजा दशरथ से दो वरदान मांगने को कहा था, जिसमें एक था प्रभु श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास और दूसरा पुत्र भरत के लिए सिंहासन। मंथरा की बातों में आकर रानी कैकई ने सारे वस्त्र-आभूषण त्याग कर मलिन वस्त्र धारण कर लिया और कोप भवन में जाकर बैठ गईं। इस बात की जानकारी जैसे ही राजा दशरथ को मिली वो कैकई को मनाने के लिए कोप भवन पहुंचे और इसका कारण पूछा। तब कैकई ने कहा कि, पहले आप राम की सौगंध लीजिए कि, जो मैं मांगूगीं आप उसे पूरा करेंगे राजा दशरथ ने रानी के कई की बात मानी और सौगंध ली। जिसके बाद रानी कैकई ने अपने दोनों वर मांगा, जिसे सुनते ही राजा मूर्छित हो गए। इसके पूर्व कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा,विशिष्ट अतिथि संजीद राय व्यास पीठ की पुजन कर किया।रामकथा के संयोजक शिक्षक अरूणेन्द्र राय,आरएसएस खंड प्रचार प्रमुख प्रवीण कुमार राय ने कथा में आये सभी भक्तजनों के प्रति आभार प्रकट किया। इस दौरान पूर्व प्रधान सीताराम खरवार,पत्रकार रवीश मद्धेशिया, राजनारायन मिश्र,डा. मुरारी शरण जायसवाल, प्रेमबिहारी राय,केदारनाथ सिंह,योगेन्द्र राय,राजेश, अजय कुमार चौबे, तुलानारायण राय,डा.अमित बौद्ध, रजनीश मिश्रा आदि उपस्थित रहें।





