सत्य, अहिंसा व आत्मनिर्भरता आज भी सबसे बड़ा संदेश : बीएसए 👉 गांधी-शास्त्री जयंती पर झंडारोहण व पुष्पांजलि कार्यक्रम 👉 श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश, लिया संकल्प
(आलोक कुमार तिवारी)

सत्य, अहिंसा व आत्मनिर्भरता आज भी सबसे बड़ा संदेश : बीएसए
👉 गांधी-शास्त्री जयंती पर झंडारोहण व पुष्पांजलि कार्यक्रम
👉 श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश, लिया संकल्प

कुशीनगर । गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के अवसर पर बीएसए कार्यालय व डायट परिसर में संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जिसके उपरांत महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया।
उपस्थित जन को संबोधित करते डायट प्राचार्य व बीएसए डा. रामजियावन मौर्य ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और सेवा जैसे मूल्यों से जीवन जीने की प्रेरणा दी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी व जय जवान, जय किसान के नारे से देश को आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि आज भी इन आदर्शों की प्रासंगिकता उतनी ही है जितनी उनके समय में थी। शिक्षा जगत जब इन मूल्यों को आत्मसात करता है तो विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में व्यापक सकारात्मक बदलाव की राह खुलती है। इसके पश्चात डायट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। बीएसए व सभी कर्मियों ने श्रमदान कर उदाहरण प्रस्तुत किया। पूरे उत्साह के साथ परिसर की साफ-सफाई की और गांधी-शास्त्री के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। डा. मौर्य ने कहा कि श्रमदान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामूहिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस तरह की पहल समाज को एकजुट करती है और सेवा-भावना को मजबूत बनाती है। इस दौरान डायटकर्मी, परिसर में मौजूद परिषदीय विद्यालय के शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे।





