
शरद पूर्णिमा पर विश्व कल्याण की कामना के साथ भिक्षुओं को दिया दान
कुशीनगर। शरद पूर्णिमा, वर्षावास के समापन अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने मुख्यमहापरिनिर्वाण मन्दिर में तथागत बुद्ध का विशेष पूजन अर्चन कर चीवर चढ़ाया और विश्वशांति व कल्याण की कामना की। गुरुवार की सुबह भिक्षु संघ के अध्यक्ष अग्ग महापंडित भदन्त ज्ञानेश्वर के निर्देशन में बुद्ध बिहारों के भिक्षुओं ने मुख्य मन्दिर में बुद्ध की लेटी प्रतिमा का धम्म पाठ के साथ पूजन किया और परिक्रमा की।वर्षावास बौद्ध धर्मावलंबियों के लिये खास महत्व रखता है।

तीन माह तक बौद्ध भिक्षु एक स्थान पर प्रवास करते हैं और तथागत बुद्ध के पंचशील के सिद्धांतों के अनुरूप उनके उपदेशों का पालन करते हैं। बौद्ध भिक्षुओं को यात्रा करना वर्जित है। भिक्षु चाहे विश्व के किसी भी कोने में रहे, उन्हें वहीं रहकर बुद्ध के करुणा, शील और त्याग के सिद्धांतों का पूर्णरूपेण पालन करना होता है। अपना सारा समय लोगों की भलाई और तपस्या में लगाना होता है। इस मौके पर भिक्षुओ ने भिक्षाटन किया। जहां आशीष बरुआ, टिके राय, अम्बिकेश त्रिपाठी, विवेक गोंड़, ओमप्रकाश कुशवाहा, गोपाल मद्धेशिया, धर्मन्द्र गुप्ता, गौतम शर्मा, सूरज यादव, विकास शुक्ला, नीना राय, योगेन्द्र चौरसिया, कृष्ण मोहन गुप्ता, राम नगीना, मौसम, राजा चौरसिया, अवनेंद्र कुमार विश्वकर्मा व उपासकों ने सपरिवार भिक्षुओं को दान दिया। इस अवसर पर भिक्षु डॉ पी सोमपोंग, भन्ते पी दम, पी पविन, पी नरोंग, भन्ते एटी छाई, भन्ते पी वथना फोंग, फ्रा अनुवत, भन्ते पी आट, भन्ते पी जुट, माता जी सू, नन्दीका, शीलवासा, भन्ते उपाली, अशोक, भन्ते नंदिका, भन्ते शील प्रकाश, धम्म नैना, भन्ते विनय कीर्ति, भन्ते मायी बीक मौजूद रहे।





