हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ अरुणेश नीरन को शिद्दत से किया गया याद
(आलोक कुमार तिवारी)

हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ अरुणेश नीरन को शिद्दत से किया गया याद
कुशीनगर । बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर में हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ अरुणेश नीरन को शिद्दत से याद किया गया। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं की चर्चा की। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के कृतकार्य आचार्य डॉ अमरनाथ तिवारी ने कहा कि नीरन जी अत्यंत संवेदनशील और सहृदय व्यक्ति थे। उनके देश के सभी बड़े साहित्यकारो से संबंध थे। सभी उन्हें बड़ी आदर से देखते थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो विनोद मोहन मिश्र ने कहा कि नीरन जी के लेख और टिप्पणियां बड़ी उच्च कोटि की होती थी। उन्होंने भोजपुरी की सेवा पूरी दुनिया में घूम घूम कर की। डॉ सुधाकर तिवारी ने कहा कि नीरन जी अपने आप में एक संस्था थे। उन्होंने अकेले उतने आयोजन किए जितनी संस्थाएं करती हैं।
बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य और मनोविज्ञान के आचार्य प्रो अमृतांशु शुक्ल ने कहा कि वे अपने से जुड़े लोगों के लिए बहुत ही आत्मीय मार्गदर्शक थे। उनका शारीरिक कद तो छोटा था किन्तु साहित्यिक कद बहुत बड़ा था। आकाशवाणी संवाददाता और पी के महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विवेक पांडेय ने कहा कि नीरन जी विद्यार्थी वत्सल शिक्षक थे। सिर्फ महाविद्यालय में ही नहीं जीवन के कठिन राहों पर भी उन्होंने विद्यार्थियों को सहारा दिया और स्थापित किया। पत्रकार दिनेश तिवारी भोजपुरिया ने कहा कि
“जैसे यहां बुद्ध आए,
वैसे ही यहां नीरन भी आए,
यह कम है क्या कि,
यहां दोनों ही आए,
तो अज्ञेय की जन्मभूमि ,
पद ऐसे साहित्यिक साधक को,
कोई कैसे ही भुलाए।” देवरिया में अध्यापक डॉक्टर प्रदीप राव अपने गुरुवर को याद करते हुए भाव विह्वल हो गए। गोपालगंज से आए संजय मिश्र संजय ने कहा कि नीरन जी हिंदी और भोजपुरी के श्रेष्ठ विद्वान और संपादक थे। उन्होंने विश्व भोजपुरी सम्मेलन के माध्यम से भोजपुरी को वैश्विक स्तर पर मजबूरी प्रदान की।
कार्यक्रम को ओम प्रकाश द्विवेदी डॉ आशुतोष तिवारी, डॉ रविशंकर प्रताप राव, डॉ गिरिजेश मिश्र आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन और संयोजन प्रो गौरव तिवारी ने किया। कार्यक्रम में प्रो राम भूषण मिश्र, प्रो राघवेंद्र मिश्र, प्रो इंद्रासन प्रसाद, प्रो राजेश सिंह, प्रो इंद्रजीत मिश्र, डॉ निगम मौर्य, डॉ जितेंद्र मिश्र, डॉ शशिकांत पांडेय, डॉक्टर दीपक, डॉ रामनवल, डॉ बीना कुमारी, डॉ सौरभ द्विवेदी, डॉ यज्ञेश त्रिपाठी, डॉ शंभू दयाल कुशवाहा, राजकिशोर प्रसाद, संजय कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।





