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सुप्रसिद्ध गायक मनोज तिवारी मृदुल व गोपाल राय की प्रस्तुति के साथ कुशीनगर महोत्सव का हुआ समापन👉अपनी वजूद खोता जा रहा कुशीनगर महोत्सव
आलोक कुमार तिवारी(मो.न.9452404711)

सुप्रसिद्ध गायक मनोज तिवारी मृदुल व गोपाल राय की प्रस्तुति के साथ कुशीनगर महोत्सव का हुआ समापन
कुशीनगर । कुशीनगर महोत्सव के समापन समारोह रविवार की रात अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त भोजपुरी लोकगीत गायक गोपाल राय व भाजपा सांसद , भोजपुरी फ़िल्म अभिनेता तथा ख्यातिप्राप्त गायक मनोज तिवारी मृदुल की प्रस्तुति के साथ हुआ। इस दौरान मनोज मिश्र मिहिर ने भी अपने गीतों से शमां बाधा। इस अवसर आयोजित सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली व सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि कुशीनगर महोत्सव लगातार 11 वर्षों से चल रहा है। इस आयोजन के लिए आयोजक विनय राय व उनकी टीम बधाई के पात्र है क्योंकि आजकल कोई कार्यक्रम प्रारंभ करना जितना आसान है उतना ही कठिन उसको अनवरत जारी रखना। यह महोत्सव नित और अधिक उपलब्धियाँ हासिल करें। इस अवसर पर कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि बिना किसी सरकारी व जनप्रतिनिधियों के मदद के ऐसे आयोजन करना आयोजक विनय राय की पहचान बन गयी है। इस तरफ के आयोजन से जनपद का सम्मान बढ़ता है। कुशीनगर महोत्सव युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराता है। अपनी प्रतिभा के बल पर इस तरह के आयोजन में प्रतिभाग कर युवा अपनी काबिलियत को प्रसिद्धि दिला सकते है। इस दौरान पूर्व सांसद व भाजपा नेता राजेश पाण्डेय गुड्डू भईया ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भोजपुरी भाषा को विश्व में एक मुकाम हासिल करने में अभिनेता व गायक सांसद मनोज तिवारी का योगदान सबसे अग्रणी है। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित किया गया। संचालन प्रभुनाथ दाढ़ी व राधेश्याम त्यागी ने किया। अंत में आभार कार्यक्रम के आयोजक पत्रकार विनय राय ने व्यक्त किया। इस अवसर पर राकेश जायसवाल, किरन जायसवाल, विनय जायसवाल, शैलेन्द्र दत्त शुक्ल, डॉ प्रियेश त्रिपाठी, केशव सिंह, ब्रजेश मणि त्रिपाठी, शैलेन्द्र सिंह,आनन्द उपाध्याय, डॉ संजय सिंह, डॉ मुकेश दूबे, मजीबुल्लाह राही, सचिन पाठक, अभिषेक मणि आदि उपस्थित रहे।

अपनी वजूद खोता जा रहा कुशीनगर महोत्सव
कुशीनगर । कुशीनगर महोत्सव अपनी वजूद खोता जा रहा है। इस महोत्सव का प्रारम्भ 2013 में हुआ। कुछ वर्षों के बाद प्रत्येक वर्ष धीरे धीरे यह आयोजन अपनी गरिमा व आकर्षण को खोता जा रहा है। रविवार की रात कुशीनगर महोत्सव के समापन के अवसर पर आए दर्शकों के बीच यह चर्चा बनी रही। कुछ ने कहा कि एक समय था जब यह आयोजन जनपद में होने वाले कुछ शानदार आयोजनों में से एक हुआ करता था परन्तु अब यह अपनी वजूद खोता जा रहा है। कुछ दर्शकों ने कहा कि जनपद में इस बार हुए छः दिवसीय कुशीनगर महोत्सव का आयोजन अपने प्रत्येक कार्यक्रम स्थल पर भीड़ न जुट पाने के कारण फ्लॉप रहा। कुछ दर्शकों ने कहा कि प्रचार प्रसार के अभाव में यह कार्यक्रम बड़े बड़े ख्यातिप्राप्त कलाकारों के आने के बावजूद भी भीड़ जुटाने में असफल हो रहा है परन्तु आयोजन समिति प्रतिवर्ष इसको नजरअंदाज करती है। अधिकांश लोगों ने कहा कि आयोजन समिति को एक बार पुनः इस कार्यक्रम की सफलता को लेकर मंथन करने की आवश्यकता है। वरना जनपद के एक प्रतिष्ठित आयोजन के वजूद पर सवाल खड़ा हो जाएगा। जबकि ऐसे आयोजनों से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में एक मंच व अवसर मिलता है।





