राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कसया ने पदमुक्त हो रहे एआरपी का आयोजित किया विदाई व सम्मान समारोह
(आलोक कुमार तिवारी, मो.न.9452404711)

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कसया ने पदमुक्त हो रहे एआरपी का आयोजित किया विदाई व सम्मान समारोह
कुशीनगर । विदाई एक सास्वत प्रक्रिया है जो सेवा में आता है वह उसी दिन से जानता है कि एक दिन सेवा निवृत्ति भी लेनी है। विभिन्न दायित्व से विदा लेने वाले सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। उक्त बातें राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कसया के द्वारा आयोजित विदाई व सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए खण्ड शिक्षा अधिकारी कसया विजयपाल नारायण त्रिपाठी ने शनिवार को कहा। बीआरसी कसया के प्रशिक्षण कक्ष में इस दौरान पदमुक्त हो रहे ए आर पी अजय शुक्ल, अजेय कुशवाहा, अमीरुल हक, मनोज चतुर्वेदी, आदित्य त्रिपाठी व इस वर्ष सेवानिवृत्त हो रही शिक्षिका पुष्पा मिश्रा को साल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अविनाश शुक्ल ने कहा शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। विदाई एक नई शुरुआत है। अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मण्डल अध्यक्ष बेसिक राजेश शुक्ल ने कहा कि शिक्षक आजीवन समाज की दिशा व दशा का निर्धारण करता है। अपने दायित्वों का बोध शिक्षक को हमेशा रहता है। राष्ट्र की प्रगति के लिए स्वच्छ व स्वस्थ समाज का निर्माण शिक्षक करता है। सेवानिवृत्ति सेवाकाल की प्रक्रिया है जो निरंतर चलती रहती है। समारोह को शिक्षक नेता राजीव नयन द्विवेदी व सभी एआरपी आदि ने भी सम्बोधित किया। संचालन संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नागेन्द्र तिवारी ने किया। इस दौरान ब्लाक मंत्री शैलेश कुमार,उपाध्यक्ष वृजनारायण गौड़,प्रवक्त कृष्ण मोहन,अमरप्रकाश पाण्डेय, संजय यादव, हरिन्द्र चौरसिया, कृपाशंकर तिवारी, महेश कर्णधार,रत्नेश तिवारी, सुनिल गुप्ता,दुर्गेश यादव, भगवन्त सिंह, मनोज चतुर्वेदी, अमित पाण्डेय, दिनेश प्रसाद, मोना सिंह, गीतांजलि, कविता दूबे, अंजना पाण्डेय, निशा ओझा, रविंद्रनाथ टैगोर, विनोद प्रसाद, निशा निगम, प्रियंका श्रीवास्तव, निक्की पाण्डेय, ज्योति गुप्ता, चंद्रकला पाण्डेय, किरन यादव, निशान्त पाण्डेय, अरुण प्रताप, मृत्युंजय मिश्र आदि मौजूद रहे।





