प्रारंभिक शिक्षा में अभिभावक की सहभागिता अनिवार्य : बीएसए 👉 सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाती है परिवार व समुदाय की भागीदारी 👉 जनपद के सभी 1259 केंद्रों पर संचालित हुई गतिविधियां संचालित
(आलोक कुमार तिवारी)

प्रारंभिक शिक्षा में अभिभावक की सहभागिता अनिवार्य : बीएसए
👉 सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाती है परिवार व समुदाय की भागीदारी
👉 जनपद के सभी 1259 केंद्रों पर संचालित हुई गतिविधियां संचालित

कुशीनगर । पूर्व प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत जनपद के 1259 को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों व बाल वाटिकाओं में गुरुवार को बाल दिवस के अवसर पर बाल मेले का आयोजन किया गया। इस क्रम में कसया विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नरकटिया बुजुर्ग के बाल वाटिका का बीएसए डा. रामजियावन मौर्य ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 व राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2022 में प्रारंभिक बाल्यावस्था में परिवार व समुदाय की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है। शिक्षक-अभिभावक के सतत संवाद को बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला माना गया है। प्रारंभिक शिक्षा तभी प्रभावी होती है जब परिवार-व समुदाय सक्रिय रूप से विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े हों। इसी उद्देश्य से जनपद के सभी 1259 को-लोकेटेड केंद्रों पर बाल मेला का आयोजन निर्देशित किया गया है। बीएसए ने बताया कि प्रत्येक केंद्र को ₹ 1500 की धनराशि पूर्व में उपलब्ध कराई गई है ताकि बच्चों के साथ बहुविधि सीखने-खेलने की गतिविधियां कराई जा सकें। बीईओ अशोक यादव ने बताया कि बाल मेला बच्चों में सृजनात्मकता, आत्मविश्वास व सामाजिकता विकसित करने का उत्कृष्ट माध्यम है। सभी केंद्रों को गतिविधियों के संचालन व अभिभावक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, जिनका व्यापक प्रभाव भूमि-स्तर पर दिखा। नोडल एसआरजी राम प्रकाश पांडेय ने कहा कि शिक्षक व अभिभावक का सतत संवाद प्रारंभिक बाल्यवस्था शिक्षा की मूल आवश्यकता है। आंगनबाड़ी व विद्यालयों में संयुक्त गतिविधियां बच्चों के सीखने के माहौल को समृद्ध बनाती हैं। निरीक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों में विजई बच्चों को बीएसए द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एआरपी आशुतोष दुबे, आरती दुबे, शैलेश कुमार, प्रधानाध्यापिका नासरीन अख्तर, प्रीति मिश्रा, प्रीति श्रीवास्तव, स्वाती शुक्ला, अंकित दुबे, वंदना यादव, प्रतिभा राय, रविन्द्र प्रसाद, अभिभावक किरण देवी, मीना देवी, रंजन देवी, सीमा देवी, मूर्ति देवी, सरस्वती देवी, मंजू देवी, बच्चे सपना, कृतिका, नेहा, परी, अमित, आयुष, सूचिता, सलोनी उपस्थित रहे।





