
कुशीनगर । भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की बौद्ध सदस्य रिनचेन ल्हामो राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त ने रविवार को अपने कुशीनगर आगमन के दौरान प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि चीन की जनता भी तिब्बत को आजाद देखना चाहती है लेकिन वहाँ के राजनीतिक लोग नहीं चाहते कि तिब्बत आजाद हो। हमेशा किसी न किसी प्रकार की समस्या खड़ी करते है। जिसके वजह से तिब्बत आजाद नहीं हो पाता है। तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। वे अल्पसंख्यक समुदाय के धर्मगुरू व सदस्यों के साथ बैठक करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर कुशीनगर आयी थी। उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा है कि दलाई लामा के जीवन काल मे ही तिब्बत आजाद हो जाय। दलाई लामा पूरे विश्व के लोगों से प्यार करते है। पहली बार कुशीनगर पहुँची ल्हामो ने कहा कि कुशीनगर के तथागत की पावन धरती है। यह विश्व के समस्त बौद्ध अनुवाईयों के लिए महातीर्थ है। इस दौरान तिब्बती मन्दिर के लामा कोंचोक टेंग क्योंग मौजूद रज। इससे पूर्व उन्होंने जनपद के अल्पसंख्यक समुदाय के धर्मगुरुओं व सदस्यों के साथ तिब्बती बुद्ध मन्दिर में बैठक कर भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं व समस्याओं के सम्यक निस्तारण को लेकर चर्चा किया। बैठक में मौलाना आजाद फाउंडेशन से बन्द अनुदान को पुनः चालू कराने, बकाये मानदेय का भुगतान कराने, महापरिनिर्वाण बुद्ध मन्दिर का खुलने व बन्द होने का समय सूर्योदय व सुर्यास्त तक होता है, समय बढ़ाने की मांग की गयी। कुशीनगर में रेलवे स्टेशन, कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रारंभ कराने की मांग की। ल्हामो ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप लोगों को योजनाओं के बारे में मांग की जानी चाहिए। ऐसा नहीं होता है जिसके कारण समस्याएं होती है। अल्पसंख्यकों का भी देश में बराबर का हक है। किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समस्याओं को आयोग में प्रस्तुत करते हुए समाधान का प्रयास करूँगी। भिक्षु डॉ नन्दरतन, प्रधानाचार्य रहमत अली, प्रबंध डॉ मजीद, मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के अध्यक्ष जैनुल आबेदीन आदि प्रमुख समस्याओं से सदस्य को अवगत कराया। इस दौरान जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भारत लाल गोंड, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद आशिक, गिरिजेश गोंड, डॉ मनोज कुमार जैन, भन्ते अस्वघोष, भिक्षु कोने कल्पकेन क्यान आदि मौजूद रहे।





