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शोध पद्धति एवम् बहुचरिय विश्लेषण पर कार्यशाला में पांचवें दिन हुआ चर्चा

शोध पद्धति एवम् बहुचरिय विश्लेषण पर कार्यशाला में पांचवें दिन हुआ चर्चा
कुशीनगर । बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर में कम्युनिटी साइकोलॉजी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (सीपीएआई) व मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सप्त दिवसीय कार्यशाला “शोध पद्धति एवम् बहुचरिय विश्लेषण” विषयक कार्यशाला के पांचवे दिन शनिवार को प्रथम सत्र में अमेरिका प्रोविडेंस विश्वविद्यालय से आये प्रो सचिन जैन ने छात्रों को “परामर्श में अनुसंधान तथा नैतिक मूल्य” से परिचित कराया। उन्होंने छात्रों को परामर्श कौशल से जुड़ी बारीकियों को समझाया। प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी जिज्ञासा भी प्रस्तुत की। कार्यशाला समन्वयक प्रो. अमृतांशु शुक्ल ने प्रो जैन का परिचय कराते हुए बताया की प्रो जैन मेसाचुसेट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अमेरिका से सर्वाधिक प्रभावशाली शिक्षक और इडाहू विश्वविद्यालय अमेरिका से अध्येता वृत्ति में अप्रतिम योगदान विषयक पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। प्रो. जैन पुनः रविवार को द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों से जुड़ेंगे और ‘विदेश में अकादमिक शोध एवं रोज़गार-अवसर’ विषय पर अपना व्याख्यान देंगे। द्वितीय सत्र में दून विश्वविद्यालय देहरादून के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं प्रबंधन संकायाध्यक्ष प्रो एच सी पुरोहित ने “शोध की गुणवत्ता हेतु नवाचार एवं मौलिक विचारों का समावेश”विषय पर व्याख्यान दिया।
प्रोफेसर पुरोहित ने कहा कि आज का दौरा सूचना क्रांति का दौर है हर प्रकार की सूचनाओं आज विभिन्न प्लेटफार्म पर उपलब्ध है परंतु शोध की गुणवत्ता के लिए यहां आवश्यक है कि शोधार्थी की सोच मौलिक विचारों एवं सिद्धांतों को प्रेरित करने वाली हो और उसमें नवोनमेषी एवं नवाचार युक्त विचार समाविष्ट हो प्रोफेसर पुरोहित ने अपने संबोधन में व्यावहारिक विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान में प्रयोग होने वाली विभिन्न शोध वीडियो का विस्तार से उदाहरण सहित रोचक प्रसंग प्रस्तुत किये। हाइब्रिड मोड में संचालित हो रही इस कार्यशाला में कुल 115 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यशाला की कार्यक्रम सचिव प्रो सीमा त्रिपाठी ने एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो रामजी लाल किया। कार्यक्रम में प्रो राम भूषण मिश्र, प्रो सत्यप्रकाश एवं डॉ वीरेन्द्र साहू इत्यादि उपस्थित रहे।





