ई-कचरे से होने वाले प्रदूषण के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक (1) अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कूड़े में फेंकने से बचने की दी गई सीख (2) पर्यावरण संरक्षण में विद्यार्थियों की भूमिका पर दिया जोर

(आलोक कुमार तिवारी)
कुशीनगर । स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत बुधवार को दुदही विकास खंड के धर्मपुर पर्वत न्याय पंचायत के कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर में विद्यार्थियों को ई-कचरे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए इसके सुरक्षित निस्तारण के तरीके बताए गए। जागरूकता कार्यक्रम में अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अलग एकत्र करने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारित कराने की जानकारी दी गई।
एआरपी आमोद उपाध्याय ने कहा कि मोबाइल फोन, चार्जर, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने के बाद पर्यावरण के लिए खतरा बन सकते हैं। इन्हें सामान्य कूड़े के साथ फेंकने या जलाने से मिट्टी और जल प्रदूषित होने की आशंका रहती है। इससे बचाव के लिए ई-कचरे को घरेलू कचरे से अलग रखना और अधिकृत रिसाइक्लर के माध्यम से उसका निस्तारण कराना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
एआरपी राहुल सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बढ़ता उपयोग ई-कचरे के उचित प्रबंधन को जरूरी बनाता है। अनुपयोगी मोबाइल, ईयरफोन, ईयरबड्स, कीबोर्ड और बैटरियों को इधर-उधर फेंकने के बजाय सुरक्षित तरीके से एकत्र करना चाहिए। विद्यार्थियों को घरों में ई-कचरा अलग रखने की आदत विकसित करने के साथ अभिभावकों को भी इसके सही निस्तारण के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य पर्यावरण पर ई-कचरे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर लोगों को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। इस दौरान सहायक अध्यापक नीतू यादव, अनीता कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।





