रामकथा में फुलवारी प्रसंग से जीवन में धर्म व संस्कृति का दिया संदेश 👉 मानस कोकिला अंजलि द्विवेदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया 👉 संस्कृति, भक्ति व आदर्श जीवन की महत्ता भी उद्घाटित करती है कथा
(आलोक कुमार तिवारी)

रामकथा में फुलवारी प्रसंग से जीवन में धर्म व संस्कृति का दिया संदेश
👉 मानस कोकिला अंजलि द्विवेदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया
👉 संस्कृति, भक्ति व आदर्श जीवन की महत्ता भी उद्घाटित करती है कथा
कुशीनगर । तमकुही विकास खंड के ग्राम पंचायत पगरा पड़री के बसंतपुर टोला स्थित ब्रह्मस्थान परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्री रामकथा अमृत वर्षा व अखंड हरिकीर्तन की पांचवीं संध्या शुक्रवार को मनमोहक रही। मानस कोकिला अंजलि द्विवेदी ने फुलवारी प्रसंग की कथा सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथावाचिका ने बताया कि प्रभु श्रीराम ऋषि मुनियों की सुरक्षा हेतु ऋषि विश्वामित्र के साथ जंगल भ्रमण करते हैं। इस दौरान जनकपुर में आयोजित धनुष यज्ञ में शामिल होने के लिए वे नगर के बाहर ठहरते हैं। यज्ञ स्थल की ओर जाते समय पूजा के लिए पुष्प लाने हेतु पुष्प वाटिका में जाने पर प्रभु श्रीराम का माता जानकी से पहली बार सामना होता है। इस मिलन से दोनों के हृदय में एक-दूसरे के प्रति प्रेम उत्पन्न होता है। फुलवारी की कथा केवल प्रेम का संदेश नहीं देती, बल्कि संस्कृति, भक्ति व आदर्श जीवन की महत्ता भी उद्घाटित करती है। कथावाचिका ने समझाया कि संकट के समय प्रभु श्रीराम का स्मरण मात्र मनुष्य के सारे कष्टों को दूर कर देता है। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि फुलवारी प्रसंग में प्रेम व भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कथा के माध्यम से लोगों में प्रेम, संस्कृति व नैतिकता का संदेश फैलाने का प्रयास किया गया। फुलवारी प्रसंग ने दर्शकों को भक्ति की अनुभूति कराई व जीवन में धर्म, प्रेम व साहस के महत्व को उजागर किया। इस दौरान राजकिशोर प्रसाद, नगनारायण सिंह, मनोरंजन शाही, महातम कुशवाहा, सुदामा गुप्ता, अनिरुद्ध सिंह, अमरनाथ प्रजापति, बैजू सिंह, छोटे सिंह, राजेश पांडेय, अभिमन्यु पांडेय, कामोद सिंह, श्रीराम गोंड, आदित्य कुमार, सोनू कुशवाहा, अंकित गोंड, अभिमन्यु कुशवाहा, चिंटू सिंह, विजय गोंड, निरंजन, गुड्डू गोंड, राजन गोंड, राहुल, सतीश गोंड आदि उपस्थित रहे।





