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समय की आवश्यकता के साथ भविष्य की खेती है हाइड्रोपोनिक्स : डा. दीपा श्रीवास्तव

कुशीनगर । बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर के भंते सभागार में वाणिज्य विभाग व आईसीएसएसआर, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को भंते सभागार में ”कृषि उद्यमी और हाई-टेक खेती” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उभरते किसानों के लिए एक उद्यमशीलता गतिविधि और भविष्य के कैरियर की संभावनाओं पर वक्ताओं ने विचार रखा।
मुख्य अतिथि डा. दीपा श्रीवास्तव ने कहा कि हाइड्रोपोनिक्स भविष्य की खेती है। हमें पता है कि धीरे-धीरे पानी की कमी होती जा रही है और हाइड्रोपोनिक्स बहुत कम पानी की कृषि है, इसे हम बिना मृदा की कृषि भी कहते हैं आने वाले समय में जब हम मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में रह रहे हैं , प्रदूषित वातावरण, केमिकल फर्टिलाइजर्स, अनेक बीमारियों के कारण है, केमिकल रहित शुद्ध सब्जियां और फल हमें हाइड्रोपोनिक्स की मदद से मिल सकती है। जो समय की आवश्यकता है। परियोजना निदेशक डॉ. श्वेता भट्ट ने कहा कि कार्यशाला खास तौर से उभरते हुए किसानों के लिए है। ताकि उन्हें स्मार्ट फार्मिंग के तकनिक से रूबरू कराया जा सके क्योंकि हाई-टेक कृषि मुख्य रूप से वाणिज्यिक कृषि प्रणाली से संबंधित है जिसका उद्देश्य घरेलू और निर्यात बाजार दोनों की जरूरतों को पूरा करना है। इसके अलावा वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.महबूब आलम सहित अन्य ने विचार व्यक्त किया। नेहा राव,पूनम यादव व अंजली राव ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके पूर्व शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पार्चन से किया। अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर ब्रजेश कुमार सिंह व संचालन डा.रितेश सिंह ने किया। अंत में डा.राकेश चतुर्वेदी ने आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर प्रो.केपी सिंह, डा.सत्येंद्र गौतम, डा.अनुज कुमार, डा.सीपी सिंह,डा.विवेक चंद श्रीवास्तव, डा.रमेश विश्वकर्मा, डा.इंद्रजीत मिश्र, डा.कृष्ण कुमार जायसवाल समेत गण्यमान्य लोग मौजूद थे।





