सीता ने सहजता से उठाया शिव धनुष, जनक हुए आश्चर्यचकित 👉श्रीरामकथा में अंजलि द्विवेदी ने सुनाया राम विवाह प्रसंग 👉 धनुषभंग के साथ गूंजा जयघोष, देवगणों ने की पुष्पवृष्टि
(आलोक कुमार तिवारी)

सीता ने सहजता से उठाया शिव धनुष, जनक हुए आश्चर्यचकित
👉श्रीरामकथा में अंजलि द्विवेदी ने सुनाया राम विवाह प्रसंग
👉 धनुषभंग के साथ गूंजा जयघोष, देवगणों ने की पुष्पवृष्टि
कुशीनगर । तमकुही विकास खंड के ग्राम पंचायत पगरा पड़री के बसंतपुर टोला स्थित ब्रह्मस्थान परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीरामकथा अमृत वर्षा व अखंड हरिकीर्तन के सातवें दिन रविवार की रात्रि कथावाचिका अंजलि द्विवेदी ने राम विवाह का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था। एक दिन सीता ने घर की सफाई करते हुए उसे उठाकर दूसरी जगह रख दिया। इसे देख राजा जनक को आश्चर्य हुआ, क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था। राजा ने प्रतिज्ञा की कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। उन्होंने स्वयंवर की तिथि निर्धारित कर सभी राजा-महाराजा को विवाह के लिए निमंत्रण भेजा।
स्वयंवर में आए सभी लोगों ने धनुष उठाने का प्रयास किया, परंतु कोई सफल नहीं हुआ। गुरु की आज्ञा से श्रीराम ने धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई तो वह टूट गया। इसके बाद धूमधाम से सीता व राम का विवाह संपन्न हुआ। माता सीता ने जैसे ही प्रभुराम को वरमाला पहनाई, वैसे ही देवगणों ने पुष्पवृष्टि की। इस दौरान राजकिशोर प्रसाद, नगनारायण सिंह, मनोरंजन शाही, महातम कुशवाहा, सुदामा गुप्ता, अनिरुद्ध सिंह, अमरनाथ प्रजापति, बैजू सिंह, छोटे सिंह, राजेश पांडेय, अभिमन्यु पांडेय, कामोद सिंह, श्रीराम गोंड, आदित्य कुमार, सोनू कुशवाहा, अंकित गोंड, अभिमन्यु कुशवाहा, चिंटू सिंह, विजय गोंड, निरंजन, गुड्डू गोंड, राजन गोंड, राहुल, सतीश गोंड आदि उपस्थित रहे।





