
डांडिया नृत्य समूह प्रतियोगिता में सफल ग्रुप को किया गया सम्मानित
कुशीनगर । बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के सांस्कृतिक मंच ‘सप्तरंग’ द्वारा आयोजित छात्राओं के मध्य डांडिया नृत्य की समूह प्रतियोगिता में कुल 15 ग्रुप ने प्रतिभाग किया। इसमें ग्रुप संख्या आठ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मंगलवार को मजीठिया सभागार आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व निर्णायक मंडल के सदस्य दिनेश तिवारी भोजपुरिया ने विजेता टीम की घोषणा करते हुए कहा कि संगीत और नृत्य मनुष्य के मनोरंजन के साधन होने के साथ साथ मनुष्यता की प्रगति के भी प्रतीक हैं। इसके संस्कृति के विकास के स्तर का पता चलता है। लोक कलाएं हमे सुसंस्कृत और सभ्य बनाती है। इसके अतिरिक्त निर्णायक मण्डल की दूसरी सदस्य संस्कार भारती संस्था से सदस्य संगीताचार्य अर्चना श्रीवास्तव ने कहा प्रतिभाओं की निखार उचित अवसर मिलने व मौके का लाभ उठाने से ही प्राप्त होता है। जीवन में संगीत से ऊर्जा व खुशियां मिलती है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त ग्रुप संख्या आठ में रुबीना खातून, प्रगति,अंशिका, शिखा सिंह, पलक राव, शिवानी पाण्डेय, पूजा, अनुपमा शाह, श्वेता,प्रीति सिंह रही। द्वितीय स्थान प्राप्त ग्रुप तीन में निधि, कुश्मिता, ममता, गीतांजली, रंजना, आंचल, मंशा, अनम, मन्नू, तन्नू,हर्षिता और रोशनी रही तथा तृतीय स्थान ग्रुप संख्या 15 में मुस्कान राजभर, मनीषा शर्मा, सीमा प्रजापति, अर्चना विश्वकर्मा, खुशी सिंह, रीमा गोंड, रुनझुन राव, अमीषा गुप्ता, खुशबू गुप्ता और नेहा रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्राचार्य प्रो अमृतांशु शुक्ल ने लोकनृत्यों के महत्त्व पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत उत्सव धर्मी देश है। यहाँ प्रत्येक पर्व एवं मौसम के अनुरूप नृत्य एवं गीत की परंपरा रही है। प्रतिभागी छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उत्कृष्ठ प्रदर्शन की सराहना की। कार्यक्रम प्रभारी डॉ निगम मौर्य ने अतिथियों का स्वागत ने किया। सप्तरंग की सह प्रभारी डॉ रीना मालवीय ने संचालन किया। इस अवसर प्रो रामभूषण मिश्र, प्रो इंद्रजीत मिश्र, प्रो सीमा त्रिपाठी, डॉ राजेश कुमार सिंह, डॉ गौरव तिवारी, डॉ शुभ दयाल कुशवाहा, डॉ यज्ञेश नाथ त्रिपाठी, डॉ आशुतोष तिवारी, डॉ सौरभ द्विवेदी, डॉ सत्यप्रकाश, डॉ राकेश सोनकर, डॉ शशिकांत पाण्डेय आदि मौजूद रहे।





