उत्तरप्रदेशकुशीनगर
हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही साकार होगी विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना 👉👉बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर में आयोजित विकसित उत्तरप्रदेश समर्थ उत्तरप्रदेश-2047 संगोष्ठी 👉👉 शिक्षा, डिजिटल, नवाचार हेतु शिक्षा मित्रों और छात्रों के साथ संवाद
(आलोक कुमार तिवारी)

हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही साकार होगी विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना
👉👉बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर में आयोजित विकसित उत्तरप्रदेश समर्थ उत्तरप्रदेश-2047 संगोष्ठी
👉👉 शिक्षा, डिजिटल, नवाचार हेतु शिक्षा मित्रों और छात्रों के साथ संवाद

कुशीनगर । विकसित उत्तर प्रदेश समर्थ उत्तर प्रदेश 2047 “संकल्प से समृद्धि तक” शिक्षा, डिजिटल, नवाचार हेतु शिक्षा मित्रो और छात्रों के साथ संवाद थीम को लेकर मंगलवार को जिला प्रशासन कुशीनगर के तत्वावधान में संवाद संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग और प्रदेश से नामित नोडल अधिकारियों के साथ बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के सभागार में आयोजित था। इस कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संकल्प को प्राप्त करने हेतु नागरिकों के बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित करना और शिक्षा व्यवस्था, क़ृषि, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्र में आपके विचार जनपद एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देकर कुशीनगर को विकसित बनाने में भागीदार बन सके। जिला प्रशासन की ओर से जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी श्रवण कुमार ने कहा कि विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश का सपना केवल सरकार का नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का साझा लक्ष्य है।
सरकार की कोई भी योजना तभी सफल होती है जब जनता उसे विश्वास और सक्रिय सहभागिता के साथ आगे बढ़ाती है। विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना भी हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही साकार होगी। संगोष्ठी में उपस्थित प्रतिभागियों से नोडल अधिकारियों ने भी उत्तर प्रदेश को विकसित बनाए जाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए । बुद्ध स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के प्राचार्य प्रो विनोद मोहन मिश्र ने कार्यक्रम की विषय वस्तु पर प्रकाश डालते हुए विकसित प्रदेश के लिए शिक्षा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बुद्ध इंटर कॉलेज कुशीनगर के प्रधानाचार्य उमेश उपाध्याय ने कहा कि जिस तरह से भारत का प्रगति गतिमान है ऐसे में भारत 2047 तक जरूर विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आएगा और उत्तर प्रदेश सबसे पहले विकसित एवं समृद्ध प्रदेश बनेगा। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक कुशीनगर श्रवण कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई कॉलेज पडरौना आलोक कुमार मौर्य, प्रदेश सरकार के ओर से नामित नोडल में डॉ.आर पी तिवारी, सेवानिवृत मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग डॉ.एस एन सिंह सेवानिवृत प्रोफेसर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या, प्रोफेसर रामजी लाल पूर्व विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर, बीएड विभागाध्यक्ष निगम मौर्य ने छात्रों से संवाद किया और अपने विचार और सुझाव साझा किए। अतिथियों का स्वागत के साथ ही अंत में आभार ज्ञापित करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.राम जियावन मौर्य ने कहाकि छात्रों की परंपरागत शिक्षा के साथ डिजिटल शिक्षा और उनमें कौशल को विकसित किए बिना विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना नहीं की जा सकती है। इसलिए हम सभी को आगे आकर अपने विचार samarthuttarpradesh.up.gov.in द्वारा सरकार तक पहुंचा सकते है। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन रविंद्र नारायण पांडेय और नीरज बंका ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी कसया अशोक कुमार यादव, आईटीआई कॉलेज कसया के प्रधानाचार्य एपी राय, कार्यदेशक एसपी शाही, अनुदेशक रामाशीष राय, कौशल विकास से अभय श्रीवास्तव, विवेक पाण्डेय, जय प्रकाश दूबे, प्रो सीमा त्रिपाठी, प्रो गौरव तिवारी, शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ सौरभ द्विवेदी, डॉ. त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, डॉ. राकेश सोनकर, डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, पंकज दुबे, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से राजेश शुक्ल, हरिंद्र चौरसिया, पायोदकांत मिश्र, राकेश मणि त्रिपाठी, आदि उपस्थित उपस्थित रहे ।





