कुशीनगर में तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 का भव्य शुभारंभ✍️(1) कुशीनगर के वैश्विक पहचान व सम्मान में महत्वपूर्ण साबित होगा प्रथम अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव : प्रभारी मंत्री✍️(2) महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ हुआ उदघाटन✍️(3) कुशीनगर को वैश्विक बौद्ध एवं सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल : प्रभारी मंत्री
(आलोक कुमार तिवारी)

कुशीनगर । महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में प्रारंभ हो रहे तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांक्लेव कुशीनगर 2026 का शुभारंभ जनपद के प्रभारी मंत्री व उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्य मंत्री,(स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शुभारंभ किया।
शुभारंभ महापरिनिर्वाण मुख्य मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ किया गया। जहां देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, उपासक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अपने सम्बोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों एवं बौद्ध भिक्षुओं के सम्मान में जिलाधिकारी एवं पूरा प्रशासन विशेष रूप से सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बहुत ही पवित्र एवं पावन है जो आज से पहले नहीं आयोजित किया गया था उन्होंने कहा कि हम सब विभिन्न रूपों में इस दुनिया में आकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। कोई इतिहास बनाता है तथा कोई इतिहास बन जाता है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि इस पावन पवित्र निर्माण स्थल में को वैश्विक पहचान मिले यह सपना पहली बार किसी जिलाधिकारी ने देखा है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने इसी प्रकार से काशी तमिल संगम के नाम से कार्यक्रम वाराणसी में कराया जिससे दक्षिण भारत के लोग आकर यहां की संस्कृति से जुड़े। कहा कि आज महावीर जी की जयंती भी है उनकी जयंती के इस पावन अवसर पर जिलाधिकारी ने बुद्धिज्म एवं जैनिज्म का संगम का भी कार्यक्रम रखा है। यह एक पवित्र विचार है जो भारतीय संस्कृति एवं संस्कार के संगम में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पद चिन्हों पर चलते हुए कुशीनगर प्रशासन एवं सभी जनप्रतिनिधि गण मिलकर भारतीय संस्कृति संस्कार के संवर्धन में एक है उन्होंने कहा कि अंग्रेजी मित्रों से बेहतर संस्कृति हमारे बुद्धिज्म एवं जैनिज्म की है। उन्होंने कहा कि इस परिवार को मजबूत एवं एक करने की पहल आज कुशीनगर जनपद से हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रोत्साहन से एवं उत्साहवर्धन से जिलाधिकारी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में जिला अधिकारी ने हमारे सामने प्रस्ताव रखा था तो हमने तत्काल मंजूरी दे दी थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन से कुशीनगर को वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सात समुंदर पार से भगवान बुद्ध के अनुयाई देख सुन एवं समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कान के लिए अपना प्रभाव अवश्य छोड़ेगा कुशीनगर की इस पावन स्थल का वैश्विक पहचान बनेगा और जिला अधिकारी का सपना साकार होगा ।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के बहुत से उद्देश्य हैं कुशीनगर को भारत की बौद्ध शैक्षणिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय आयोजन में विचार एवं मंथन होगा जिससे बहुत सी चीज निकल कर आएंगे जो देश एवं विश्व के लिए उपयोगी साबित होगी कार्यक्रम का उद्देश्य है क्रॉस नेशनल शोध का निर्माण करना आधारभूत संबंधों का दस्तावेजीकरण करना जो आने वाली पीढ़ी को हमारी सभ्यता से पहचान करावेगी उन्होंने कहा कि भारत युद्ध का नहीं बुद्ध का देश है प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को हमेशा यह संदेश दिया है कि युद्ध से दुनिया को शांति नहीं मिलती है बुद्ध से मिलती है । पीएम ने कई देशों में इस बात को कहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के लोग उच्च एवं निम्न मार्ग से चलते हैं लेकिन हम लोग हमारे देश के लोग भगवान बुद्ध के बताएं मध्य मार्ग से चलते हैं बुद्ध के बताए हुए उपदेशों का पालन कर रहे हैं तथा खुश हैं उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत से देश इस समय युद्ध में व्यस्त हैं जबकि हमारा देश एक मजबूत ताकत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। बुद्ध ने उपदेश दिया कि मध्यम मार्ग में सबको लेकर चलना चाहिए भारत विश्व का कल्याण चाहता है। सबको एक होकर भारत को सर्वश्रेष्ठ देश बनाना चाहिए यह कान के लिए मिल का पत्थर साबित होगा दुनिया तक हमारी आवाज पहुंचेगी। इस प्रकार के आयोजन से लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। प्रदेश सरकार की 9 वर्ष की उपलब्धियां की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कुशीनगर को बढ़ाने के लिए बहुत काम किए हैं।उन्होंने बताया कि कृषि एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 434 करोड़ की लागत से कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है जो निर्माण अधीन है। 254 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण हो गया है। जिससे दूसरे देशों के लोग हवाई मार्ग से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 281 करोड़ से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है।228 करोड़ की लागत से गृह विभाग द्वारा जिला कारागार का निर्माण कराया जा रहा है। तमकुही राज में 72 एकड़ में मल्टी मॉडल हाउस का निर्माण 500 करोड़ की लागत से हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 488 करोड़ की लागत से 41 हजार लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में 99 करोड़ की लागत से 9414 लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से विभिन्न देशों से विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे वैश्विक स्वरूप प्रदान किया है। कॉन्क्लेव के पहले दिन ही कुशीनगर की धरती पर आध्यात्मिकता, संस्कृति और वैश्विक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा मंदिर परिसर बौद्ध मंत्रों की गूंज और शांति के संदेश से सराबोर रहा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कुशीनगर आज वैश्विक बौद्ध जगत के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां विकसित किया गया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आसान पहुंच सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि हमारा सपना है कि कुशीनगर केवल आस्था का केंद्र न रहकर आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से भी मजबूत बने। जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटा हुआ है। सुरक्षा, यातायात, आवास और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस आयोजन के माध्यम से कुशीनगर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया के कोने-कोने से लोग इस कार्यक्रम को देख और सुन रहे हैं, तो यह कुशीनगर के लिए गर्व का क्षण है। कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि बौद्ध दर्शन, शांति, करुणा और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न देशों की परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। कुशीनगर एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि वह विश्व शांति और बौद्ध संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व प्रो पंकज वशिष्ठ व बैशाली सरकार ने कॉन्क्लेव पर अपने विचार रखें। जिलाधिकारी कुशीनगर महेन्द्र सिंह तवर ने स्वागत करते हुए इस कॉन्क्लेव के औचित्य व उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। संचालन रोमा बच्चानी ने किया। इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांक्लेव का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध भिक्षुओं द्वारा विभिन्न भाषाओं में चैटिंग से किया गया। इससे बुद्ध स्थली धम्मय हो गई। महा परिनिर्वाण के सामने बड़े उद्यान में अलग अलग देश के धर्म गुरुओं ने चैटिंग की। कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र के साथ ही कार्यक्रम के लिए उपयुक्त वातावरण का माहौल बन गया। बौद्ध धर्म में चार्टिंग का विशेष महत्व है।
इसका महत्त्व और भी बढ़ गया जब भारत और 15 देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं ने एक स्वर में अपनी अपनी भाषाओं में चैटिंग किया। चार्टिंग भगवान बुद्ध से अगली पूजा के लिए आग्रह का उपक्रम है।इस कार्यक्रम का शुभारंभ से पहले प्रभारी मंत्री द्वारा महापरिनिर्वाण बुद्ध मन्दिर परिसर में विभिन्न बुद्ध विहारों द्वारा लगाए गए बुद्ध से जुड़ी घटनाओं से संबंधित स्टालों का अवलोकन किया। इससे कुछ सरकारी व गैर सरकारी स्टाल भी लगाए गए थे। इससे सर्वाधिक भीड़ थाई मोनास्ट्री द्वारा लगाये गए थाई फूड के स्टाल पर रही। लोगों ने खूब स्वाद लिया व थाई फूड की तारीफ की। इस अवसर पर भदन्त महेन्द्र महाथेरो, भन्ते नन्दरतन , भन्ते अशोक, भिक्षुणी धम्म नैना, साउथ कोरिया के लामा ची रन ली , भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, विधायक विवेकानंद पाण्डेय, मनीष जायसवाल, विनय गोंड, सुरेन्द्र कुशवाहा, मोहन वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, नपाप कुशीनगर अध्यक्ष किरन राकेश जायसवाल, नपाप पडरौना अध्यक्ष विनय जायसवाल और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूल बदन कुशवाहा, सुधीर राव पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव, एडीएम वैभव मिश्र, एसडीएम डॉ संतराज सिंह बघेल, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, ईओ अंकिता शुक्ला, सीओ कुन्दन सिंह आदि मौजूद रहे।





