माथाकुंवर बुद्ध मंदिर में घुसा पानी, पर्यटक परेशान
-जलस्तर कम होने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भापुस) कराएगा डी वाटरिंग

माथाकुंवर बुद्ध मंदिर में घुसा पानी, पर्यटक परेशान
जलस्तर कम होने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भापुस) कराएगा डी वाटरिंग
(आलोक कुमार तिवारी)
कुशीनगर । कुशीनगर स्थित माथा कुंवर बुद्ध मंदिर बरसाती पानी से घिर गया है। यहां तक कि पानी मंदिर के अंदर बुद्ध प्रतिमा तक चला गया है। मुख्य मार्ग से बुद्ध मंदिर मार्ग तक जाने वाले संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गया है। पर्यटकों को मंदिर तक पहुंचने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव से दुर्घटना की भी आशंका बनी हुई है। कुछ वर्ष पूर्व एक श्रीलंकाई महिला पर्यटक के पानी मे फिसल कर गिर जाने से उसका पैर फ़्रैक्चर हो गया था।
मंदिर का महत्व
“माथा कुंवर बुद्ध मंदिर प्राचीन मंदिर है। सन 1861 ई. में इसमें स्थापित बुद्ध की काली प्रतिमा जनरल कनिंघम को एक पीपल वृक्ष के नीचे मिली थी। मंदिर में स्थापित 10.5 फुट ऊंची बुद्ध प्रतिमा भू स्पर्श मुद्रा में है। प्रतिमा व प्राचीन मंदिर का निमाण 11 वीं सदी में कलचुरि राजाओं के शासनकाल में हुआ था। वर्तमान मंदिर सन 1927 ई. में म्यांमार के बौद्ध उपासक ऊ पो च्यू ने बनवाया था।”
माथा कुंवर बुद्ध मंदिर भूतल से पांच फुट से भी अधिक नीचे है। मंदिर के बाहर चारों ओर बरसाती पानी भरा है। जलस्तर कम होने पर डी वाटरिंग (जलनिकासी) कराया जाएगा।
शादाब खान,
संरक्षण सहायक,
भापुस, कुशीनगर।





